Wednesday, April 30, 2014

महफ़िल उनकी, साक़ी उनका आंखे मेरी, बाक़ी उनका

औज़-ए-वक़्त मुलकी उनका, चर्ख-ए-हफ्त तबकी उनका

महफ़िल उनकी, साक़ी उनका, आंखे मेरी, बाक़ी उनका

अकबर इलाहाबादी 


Time is on their side, the heavens dote on them

The tavern is theirs and so is the barmaid, I only have eyes to behold the spectacle

Akbar Allahabadi



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