In the aftermath of about a dozen competitive examination paper leaks and the consequent protest by students and youth, Bihar Government has issued
notification dated August 23, 2026 for formation of five-member committee for examination reforms to bring comprehensive reforms in the state’s examination system. The committee is to headed by a retired Supreme Court judge or a serving or retired High Court judge. It will submit its recommendations to the state government within three months. Its mandate will cover secondary and higher secondary, university, professional and technical, entrance and eligibility, as well as recruitment and competitive examinations. It has been given the task to recommend measures to prevent question paper leaks, cheating, malpractice at examination centres, tampering with answer sheets and unauthorised interference in results.
The committee's focus will be on making the examination calendar, question paper security, evaluation and declaration of results more transparent and time-bound. It committee will review the use of digital technology, artificial intelligence, data analytics and cybersecurity measures in examinations. The committee will examine efficacy of biometric verification and CCTV surveillance to secure tracking of question papers and answer sheets. The committee will give special attention to safeguard the interests of students from rural areas, economically weaker sections and those with limited access to digital facilities. The text of the notification is as under:
संचिका सं.-21/आयोग-11/2026 15441 दिनांक- 23.08.2026.
बिहार सरकार
सामान्य प्रशासन विभाग
अधिसूचना
विषय:- राज्य
सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोडों, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य
भर्ती एजेंसियों के द्वारा ली जाने वाली परीक्षाओं में व्यापक परीक्षा
सुधार की अनुशंसा हेतु परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति के गठन के संबंध
में।
1. परीक्षाओं का आयोजन
परीक्षार्थियों की क्षमता का आकलन करने, पात्रता निर्धारित करने, उच्च
शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार के लिये उम्मीदवारों का चयन करने के साथ-साथ
शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली में सर्वजन का विश्वास बनाये रखने के लिये सबसे
महत्वपूर्ण साधन में एक है।
2. हाल के वर्षों में
उम्मीदवारों की अधिकता, माध्यमिक और उच्च शिक्षा का विस्तार, सार्वजनिक
रोजगार के लिये प्रतियोगिता परीक्षाओं, डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग,
कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial Intelligence) के आगमन, छात्रों एवं
अभिभावकों की आकांक्षा, अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता के कारण परीक्षा का
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecological System) बहुत जटिल हो गया है।
3. राज्य
सरकार ने शैक्षणिक और भर्ती के अवसरों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है।
इस संदर्भ में परीक्षा के पूरे चक्र यथा-पंजीकरण, प्रश्न पत्र तैयारी,
परीक्षा संचालन, मूल्यांकन, परिणाम, शिकायत निवारण एवं अभिलेखों के रख-रखाव
इत्यादि में सुधार हेतु एक व्यापक परीक्षा सुधार की आवश्यकता है।
अतएव
सरकार वर्तमान परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करने और ऐसी परीक्षा प्रणाली
स्थापित करने हेतु सुधारों की सिफारिश करने हेतु परीक्षा सुधार पर एक
विशेषज्ञ समिति का गठन करती है, जो निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी,
तकनीकी-सक्षम, समयबद्ध, योग्यता उन्मुख, सुलभ और विश्वसनीय हो ।
4. समिति का उद्देश्य:-समिति का उद्देश्य होगा-
(क) राज्य और उसकी परीक्षा निकाय द्वारा आयोजित परीक्षाओं की विश्वसनीयता. सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना।
(ख)
प्रश्न-पत्र लीक, छद्म परीक्षार्थी, चोरी और सामूहिक नकल, परीक्षा
केन्द्रों में डेरा-फेरी, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, परीक्षा डेटा पर
अनाधिकृत पहुँच, परिणाम में हेरा-फेरी और परीक्षा कदाचार को समाप्त करना।
(ग)
परीक्षा का समयबद्ध संचालन और परिणामों की स-समय घोषणा, साथ ही परीक्षा
प्रक्रिया के हर चरण में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना ।
(घ)
मानवीय पर्यवेक्षण और डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए डिजिटल
प्रौद्योगिकी, डाटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा
उपकरणों का उचित उपयोग करना।
(ड.) स्वतंत्र गुणवत्ता, पूर्ण आश्वासन और परीक्षाओं के ऑडिट की प्रणाली विकसित करना।
(च)
यह भी सुनिश्चित करना कि परीक्षा सुधारों से ग्रामीण, आर्थिक रूप से
कमजोर, सामाजिक रूप से वंचित या डिजिटल रूप से कम जुड़े हुए पृष्ठभूमि के
छात्रों का नुकसान न हो।
5 समिति का कार्य क्षेत्र :-
समिति आवश्यकतानुसार बिहार में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की निम्न
श्रेणी की जाँच कर अनुशंसा कर सकती है:-
क- माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक परीक्षायें।
विश्वविद्यालय की परीक्षायें।
व्यावसायिक एवं तकनीकी परीक्षायें।
प्रवेश एवं पात्रता परीक्षायें ।
भर्ती और प्रतियोगिता परीक्षायें
हालांकि
समिति संवैधानिक/वैधानिक परीक्षा और भर्ती निकायों की वैधानिक स्वायत्तता
का सम्मान करेगी और समन्वय और साझा सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिये
उपरोक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करेगी।
6. विशिष्ठ विचारणीय विषय (Specific term of reference) :-
समिति निम्न बिन्दुओं की जाँच करेगी और सिफारिश करेगी:-
(क) परीक्षा प्रशासन-
(i) बिहार में परीक्षाओं को संचालन करने वाले मौजूदा संस्थागत ढांचा एवं आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करना।
(ii)
परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों, विभागों, जिला प्रशासन और
परीक्षा केन्द्रों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की समीक्षा करना ।
(iii) परीक्षा तंत्र परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में विफलता के लिये जवाबदेही तय करने हेतु तंत्र की सिफारिश करना ।
(ख) परीक्षा कैलेन्डर और समयबद्धता :-
यह
समिति से परीक्षाओं, मूल्यांकन, परिणामों की घोषणा में देरी की कारणों की
समीक्षा करेगी और जहाँ तक सम्भव हो एक राज्य परीक्षा कैलेन्डर की सिफारिश
करेगी जिसमें विज्ञापन, आवेदन, प्रवेश-पत्र निर्गम, परीक्षा, प्रोविजनल
उत्तर पंजी का प्रकाशन, आपत्ति दर्ज करने, अंतिम उत्तर पंजी कुंजी का
प्रकाशन, मूल्यांकन परिणाम का प्रकाशन, जाँच/ पैनल मूल्यांकन एवं अनुशंसा
प्रेषण के लिये अधिकतम समय-सीमा निर्धारित करेगी।
(ग)
प्रश्न-पत्रों में सुधार :- यह समिति प्रश्न-पत्र के निर्माण की व्यापक
समीक्षा करेगी और बहु-स्तरीय प्रश्न-पत्र सेटिंग, मोडरेसन, प्रशिक्षित और
सूचीबद्ध पेपर सेटर का उपयोग, कठिनाई स्तर का मानकीकरण आदि पर भी एक
विस्तृत प्रणाली की अनुशंसा करेगी।
(घ) परीक्षा
सुरक्षा एवं पेपर लीक की रोकथाम :- यह समिति पूरी परीक्षा का एक व्यापक
सुरक्षा ऑडिट करेगी, जिसमें प्रश्न-पत्र सेटिंग, सुरक्षित भंडारण, परिवहन,
वितरण, डिजिटल ट्रांसमिशन और पहुँच नियंत्रण (access control) भी शामिल
होंगे। परीक्षा केन्द्रों की सुरक्षा, उम्मीदवारों की पहचान, बायोमेट्रिक
सत्यापन सी.सी.टी.वी. निगरानी, वीक्षक, उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन, परिवहन,
सुरक्षित भंडारण, स्कैनिंग/डिजलिटिकरण, मूल्यांकन और परिणाम प्रोसेसिंग
आदि का भी पूर्ण ऑडिट करेगी और इन बिन्दुओं पर ऐसी अनुशंसा करेगी जो
सुरक्षित और पेपर लीक तथा छद्मनामी परीक्षा इत्यादि रहित हो।
समिति
परीक्षा सामग्रियों के इंड-टू-इंड डिजिटल ट्रैकिंग, छेड़छाड़-रोधी
पैकेजिंग, इंटीक्रेप्ट ट्रान्समिशन, मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण, बायोमैट्रिक
प्रमाणीकरण, जियो-टैकिंग और जियो-फेसिंग, साइबर सुरक्षा ऑडिट, सी.सी.टी.वी.
और सुरक्षित कमान्ड सेंटर की व्यवहार्यता की भी जाँच कर अनुशंसा करेगी।
प्रश्न-पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के लिये एक स्पष्ट chain of custody protocol की अनुशंसा करेगी।
(ङ)
समिति कानूनी और नियामक ढांचा में आवश्यक परिवर्तन हेतु मौजूदा अधिनियमों,
नियमों, विनियमों, परीक्षा उप-नियम, संस्थागत नियम, गोपनीय प्रावधान,
कदाचार से संबंधित प्रावधान, डाटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा आवश्यकता
इत्यादि का अध्ययन करते हुए इसमें आवश्यक संशोधन हेतु अनुशंसा करेगी।
7. समिति की संरचना:-
राज्य
सरकार द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश / माननीय
उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश / माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त
न्यायाधीश की अध्यक्षता में 05 (पाँच) सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। समिति
के अध्यक्ष के मनोनयन हेतु आवश्यकतानुसार माननीय उच्चतम न्यायालय/माननीय
उच्च न्यायालय से आवश्यक अनुरोध किया जाएगा।
8. अवधि :-
उक्त समिति अपनी गठन की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिश सरकार को समर्पित करेगी।
9. समिति की प्रक्रिया :-
समिति
अपने कार्यों के निष्पादन हेतु आवश्यकतानुसार आयोगों, विश्वविद्यालयों,
संस्थानों, जिला प्रशासन, राज्य भर्ती एजेंसियों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी
संस्थानों, प्रौद्योगिकीविदों एवं अन्य लोगों से परामर्श कर सकती है।
उक्त समिति में किये गये सभी परामर्श एवं पत्राचार गोपनीय रखे जाएंगे।
10.
समिति की संस्थागत व्यवस्था:-(क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समिति को
सचिवालीय, लॉजिस्टिक, तकनीकी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था प्रदान की जाएगी।
(ख) समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को मानदेय के रूप में उनके सेवानिवृत्त
के पूर्व भुगतान की गयी वेतन एवं महंगाई भत्ता की राशि का भुगतान किया
जाएगा।
(ग) समिति के अध्यक्ष/सदस्यों के लिये TA / DA
की पात्रता वही होगी, जो सेवानिवृत्ति के समय वेतनमान/ग्रेड पे में
यात्रा नियमावली में प्रावधानित है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से
सरकार के
सचिय
संख्या-21/आयोग-11/2026, 15441,सा.प्र. दिनांक- 23.08.2026
प्रतिलिपि-
वित्त विभाग,
ई-गजट शाखा,पटना
महालेखाकार, बिहार, पटना
कोषागार
पदाधिकारी, सचिवालय कोषागार, सिंचाई भवन, पटना
सभी विभाग/सभी
विभागाध्यक्ष
माननीय राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव
माननीय मुख्यमंत्री के
प्रधान सचिव, पटना
सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना
सचिव, बिहार
लोक सेवा आयोग, पटना
सचिव, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना
सचिव, बिहार
तकनीकी सेवा आयोग, पटना
सचिव, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग,
पटना
सचिव, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग, पटना/
विशेष कार्य पदाधिकारी,
केन्द्रीय सिपाही चयन पर्षद, पटना
मुख्य सचिव के विशेष कार्य
पदाधिकारी
सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान आप्त सचिव
आई.टी. मैनेजर,
सामान्य प्रशासन विभाग को विभागीय वेबसाईट पर अपलोड करने हेतु सूचनार्थ
एवं आवश्यक कार्यार्थ प्रेषित ।
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