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Thursday, April 20, 2017

'आधार' अनूठा पहचान संख्या परियोजना भारत व भारतीयों को 'निराधार' करके सोने की चिड़िया बनाएगा


आधार के पैरोकार ने अपनी चाल फिर चल दी है-"आधार स्टार" 
(http://hindi.oneindia.com/news/india/4-days-left-make-your-child-an-aadhaar-star-here-know-how-to-404690.html) और श्रीकांत प्रभु का प्रोपेगेंडा"
(https://www.linkedin.com/pulse/aadhaar-after-shreekanth-m-prabhu) उनके चाल का हिस्सा है.

'आधार' अनूठा पहचान संख्या परियोजना शुरु से ही भारत और भारतीयों के लिए 'निराधार' था और अभी भी है. यदि आपकी किसी से दुश्मनी है तो उसे आधार संख्या परियोजना के मकड़ जाल में डालने के लिए तैयार कीजिये।

इसके लिए आपको बस उनके बच्चे के उंगलियों के निशान और आँखों के पुतलियों और उनके आवाज़ का सैंपल  वीडियो बनाकर दुनिया के सामने नंगा करके बच्चे के भविष्य को अन्धकारमय कर सकते हैं। अगर आपको अपने दुश्मन के बच्चे का भविष्य बिगाड़ना है तो बच्चे को आधार' संख्या परियोजना के क्रांतिकारी
कदम के बारे में गुमराह करना है। आइए जानें कैसे ले इस निराधार स्टार बनने की मुहीम का हिस्सा...

निराधार स्टार मुहीम में हिस्सा लेने के लिए आपको  बच्चे का वीडियो तैयार करना होगा। वीडियो के जरिए ये "आधार की महत्वता, आधार पंजीकरण की आवश्यकता और कैसे करें आधार का इस्तेमाल जैसे संदेश देने होंगे" जिससे की ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा लोग अपने बच्चो का संवेदनशील सूचना खुफिया विदेशी कंपनियों को सनातन काल के दे दिया जाय।

वीडियो किसी भी राष्ट्रीय भाषा में हो सकती है। अंग्रेजी में गुमराह करना शायद मुश्किल हो इसलिए देशी भाषा का इस्तेमाल करे। गैर जरुरी मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस चला कर भी आप हमारी मदद कर सकते है.

यदि कोई यह पूछे कि 'आधार' संख्या परियोजना का कुल बजट कितना है. तो कभी भूल कर भी जवाब न दे नहीं तो सारा पोल खुल जाएगा.

हमेशा केवल यह बताये कि कितन बचत हुआ है, कभी कुल कितना खर्चा होगा यह नहीं बताये. हमेशा राष्ट्रहित की  बात करे. हर बात में राष्ट्र की बात करे. ऐसा करने से लोग आपके भारत और भारतवासियों का प्रेमी समझते रहेंगे. लोगों को भरोसा में लेने के लिए हमेशा चीख-चीख कर बोले कि भारतवासीयों का सबसे बड़ा मित्र विदेशी ख़ुफ़िया कंपनिया है जो केवल भारत हित में काम करते है क्योंकि इतिहास गवाह है कि ये कंपनिया हमेशा देश के विकास और उत्थान के लिए काम करती रही है. इनकी मदद से पड़ोस के देश में
आधार' अनूठा पहचान संख्या परियोजना (नादरा के नाम से) लागु हो गया है वह सोने कि चिड़िया बन गया है. नेपाल, श्रीलंका नही और बांग्लादेश सोने  की चिड़िया बन चुके है. चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसे पिछड़े देशो से भारत की तुलना न करे. इससे देश कि तौहीन होती है. सच्चा देश भक्त वही है जो   आधार' अनूठा पहचान संख्या परियोजना के बारे में बात करते समाय इन देशो का नाम न ले. यदि इनका नाम लेने की हिमाकत कर दे तो उससे देशद्रोही या माओवादी या उग्रवादी बता देना.

अगर आप भी किसी  बच्चे के भविष्य को अन्धकारमय करना चाहते हैं तो आधार के पैरोकार -यूआईडीएआई और मंत्रिगण आपको मौका दे रहे है। आप आधार के जरिए बच्चों के भविष्य को अन्धकारमय कर सकते है। अँधेरा जरुरी है क्योंकि अँधेरे के बिना देशवासियों के संवेदनशील सूचना की खरीद फरोख्त नहीं हो पाएगी. ऐसा नहीं होगा तो मुनाफा कहा से आएगा. बेफिक्र रहे सरकार ने अगर दानदाताओं और मुनाफाखोरों के नाम को गुमनाम रखने की कानूनी व्यवस्था कर दी है. बेफिक्र रहकर आधार' अनूठा पहचान संख्या परियोजना के जरिये देश को निराधार करने के खेल में शामिल रहिये आपका नाम उजागर नहीं होगा. संसद में धन विधेयक के जरिये यही तो किया है.

सबसे खास बात की ऐसा करते हुए जो वीडियो आप बनाए उसमे यह जरुर बताये कि ऐसा करने से भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाएगा। जो सोने के अंडे देंगे. जल्द करे नहीं तो भारत पिछड़ जाएगा. भारत और भारतीयों को 'निराधार' मुहीम में शरीक करके आप वैश्विक नागरिक तत्काल बन सकते है. जय हिन्द!