Friday, January 23, 2015

कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित। अनार्य हिंदुओं का अश्वमेधी नरसंहार के आयोजन के लिए है यह गीता महोत्सव,सरस्वती वंदना। जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देशविदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं। मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे और देश बेचने,जनसंहार का होगा भरपूर मनोरंजन,वसंतबहार पलाश विश्वास


कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।
अनार्य हिंदुओं का अश्वमेधी नरसंहार के आयोजन के लिए है यह गीता महोत्सव,सरस्वती वंदना।

जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देशविदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं।
मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे और देश बेचने,जनसंहार का होगा भरपूर मनोरंजन,वसंतबहार

पलाश विश्वास
कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।ओबामा दिल्ली के मौर्य शेरेटन होटल में रहेंगे जो अब तक अमेरिकी राष्ट्रपतियों की अगवानी करता आया है। अपने दौरे से पहले बराक ओबामा ने नरेंद्र मोदी जमकर तारीफ की है। न्होंने कहा है कि चायवाले का प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना बड़ी बात है। और मोदी की जीत से साबित हुआ है कि भारत के लोग आर्थिक विकास चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति के हाइप्रोफाइल दौरे के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्विटर पर आईएसआईएस की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
गौर करें कि कैसी गुलाबी तस्वीर है कि एसएंडपी ने वित्त वर्ष 2015 में भारत का करेंट अकाउंट घाटा जीडीपी के 2 फीसदी से कम रहने की उम्मीद जताई है। यही नहीं रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने ये भी कहा है कि भारत की रेटिंग बढ़ाई जा सकती है।

एसएंडपी के मुताबिक वित्तीय घाटे में कमी मजबूत इकोनॉमी की तस्वीर पेश नहीं कर सकती है, ऐसे में मध्यम अवधि में भारत की ग्रोथ पर नजर रहेगी। हालांकि मौजूदा सरकार इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए प्रयासरत नजर आ रही है। लेकिन ये देखना अहम होगा कि सरकार की ओर से इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए और क्या कदम उठाए जाते हैं।
गौर करें कि
ओबामा कृष्म की महिमा ऐसी कि ऐप के जरिए टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनी उबर ने दिल्ली में अपनी सर्विस फिर से शुरू कर दी है। इस बार वो सिर्फ वैसे ड्राइवरों को भर्ती कर रही है जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है, साथ ही कंपनी ने रेडियो टैक्सी ऑपरेटर के तौर पर लाइसेंस के लिए भी अर्जी दी है।

दिल्ली में रेप के एक मामले के बाद उबर की सर्विस पर रोक लगा दी गई थी। अब दिल्ली में अपनी सर्विस फिर से शुरू करने के लिए उबर ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव भी किया है। साथ ही ऐप में इमरजेंसी बटन और डेडिकेटेड रेस्पॉन्स टीम बनाने जैसे उपाय भी कंपनी कर रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओबामाकृष्ण देखेंगे कि जैसे उबेर का भला हुआ है,वैसे ही सारी की सारी अहिल्या पाथरों में प्राण फूंक दें कि लाखों लाखों करोड़ का जो मल्डीनेशनल परियोजनाएं हैं वे खुल जाये सिम सिम और अलीबाबा चालीस चोर का राजकाज कायम रहे।
मसलन अकेले टैक्स रिफारम से कमसकम अमेरिका आधारित मल्टी नेशनल पचास कंपनियां और उनके भारतीय छाझेदार मालामाल है।छप्परफाड़ विनिवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।सैनसेक्स अब तीस के पार जाकर किस किस के साथ रोमासे करेगासकोई कह नहीं सकता तो परमाणु विध्वंस का हर इतंजाम है।
कि बचवा का चाहि,परमाणु बम!

जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देशविदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं।

हिंदुत्व का खुल्ला आवाहन कर दिया है ओबामा कृष्ण ने ताकि परमाण,बीमा,खुदरा कारोबार,रक्षा,निर्माण विनिर्माण,करछूट और भारत सरकार के आम बजट से लेकर विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा तक के लिए हो रही कृष्ण सुदामा बंधुत्व पवित्र विशुद्ध सरस्वती वंदना का वसंत पंचमी गीता महोत्सव में तब्दील हो जाये।

इसीलिए हर मौके पर पाकिस्तान को मदद करने वाले,भारत को तहस नहस करने का हर सामान मुहैय्या करने वाले किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के मुखारविंद पर गीता प्रवचन अक्षरशः है कि अपने भारत दौरे से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने साफ कहा है कि पाकिस्तान आतंक को पनाह देना बंद करे।

कृष्ण सुदामा बंधुत्व पवित्र विशुद्ध सरस्वती वंदना का वसंत पंचमी गीता महोत्सव में तब्दील हो जाये।इसीलिए ओबामा कृष्ण ने कहा है कि मुंबई हमले के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

आतंक पर कड़ा रुख दिखाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामाकृष्ण ने कहा कि वह भारत यात्रा के दौरान गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बनने से खुश हैं और इसमें शामिल होने से सम्मानित महसूस कर रहे हैं। ओबामाकृष्ण  ने कहा कि वह उस क्षण का इंतजार कर रहे हैं जब भारत पहुंचकर इस समारोह में हिस्सा लेंगे।

इससे बड़ा सफेद सच क्या है कि  ओबामाकृष्ण ने कहा है कि अमेरिका पर हुए 9/11 हमले और भारत पर हुए 26/11 के हमले के बाद दोनों देश अपनी सुरक्षा के मामले पर साथ खड़े रहें।तबसे लेकर आज तक का अमेरिका का कियाधरा बदल गयो रे।शत प्रतिशत हिंदुत्व की ऐसी वसंत बहार है।जय जय जयहे कल्कि महाराज।

बहरहाल तसलिमा नसरीन का पुनः निरपेक्ष पाठ करें तो पता चलेगा कि बांग्लादेश में 1971 की स्वतंत्रता के बाद अल्पसंख्यक उत्पीड़न की वारदातें भारत में संघपरिवार की कारस्तनियों की प्रतिक्रियाएं ही हैं।

लज्जा में जो हुंदुओं की व्यथा कथा है,उसकी पृष्ठभूमि में बाबरी विध्वंस है,जिसकी गूंज दुनियाभर के हिंदुओं को लहूलुहान करती रही है।

जबकि उत्पीड़ित लोगों से संघ परिवार की सहानुभूति उनकी विशुद्ध आर्य नस्ली विवेक पर निर्भर है।

आर्यमूल के शरणार्थी तुरतफुरत भारतवंशी भारतीय नागरिक जबकि अनार्य अश्वेत पूर्वी बंगाल के विभाजनपीड़ित विभाजन के तुरंत बाद इस देश में जो लोग बसे,वे लोग और बाद में धार्मिक पहचान हिंदुत्व के कारण जो लगातारभारत में आते रहे हैं,वे सारे लोग विदेशी घुसपैठिया रहे हैं।

मजा यह है कि बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष सरकार को गिराने की कोशिश में जमीन आसमान एक करने वाली इस्लामपंथी ताकतों के साथ,बेगम खालिदा के साथ संघ परिवार का चोली दामन का साथ है।यह है संघ परिवार के हिंदुत्व का सच।

जनसत्ता और इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक सिंहली उग्रवादियों के मर्यादा पुरुषोत्तम राम अपने प्रधानमंत्री हैं,जो हिन्दू तमिलों और मुसलमानों पर कहर ढा रहे हैं।वह पूरा आलेख इस टिप्पणा के साथ नत्थी है,जो संघी हिंदुत्व का सच है।

नेपाल में हिंदू राष्ट्र फिर बाहल करने के लिए संघ पिवार हर जुगत लगा रहा है और वहां जो मंगोलवंशी अनार्य मधेशी आदिवासी करड़ों लोग हैं,जिनमें हिंदुत्व के अनुयायी भी करोड़ों हैं,उनका सत्यानाश का हर सामान जुटा रहा है संघ परिवार।

अनार्य हिंदुओं का अश्वमेधी नरसंहार के आयोजन के लिए है यह गीता महोत्सव, सरस्वती वंदना।


जन्मदिन आज कर्पूरी ठाकुर का भी है।उनके व्यक्तित्व कृतित्व को लेकर हिंदी समाज को कोई चिंता नहीं है,जाहिर है कि आखिरकार वे पिछड़ों के मसीहा है और हिंदी समाज जात पांत में बंटा हुआ है।जाति दृष्टि ही हिदी समाज का यथार्थबोध है।सौंदर्यशास्त्र है।
वसंतीपंचमी की धूम है।

बंगाल में कन्याएं इस दिन पहलीबार वसंती साड़ी पहनकरे स्वतंत्रता का पाठ पढ़ती हैं तो महाराष्ट्र में पतंग उड़ाये जाते हैं।इस वसंत पंचमी को शत प्रतिशत हिंदुत्व की सरकार ने हिंदुत्व के उत्सव में तब्दी कर दिया है और मूर्ति पूजा के जो विरुद्ध है,उस इस्लाम को मानने वालों के बच्चों के लिए भी अनिवार्य सरस्वती वंदना का फतवा जारी कर दिया गया है।

जबकि आधुनिकता से मुठभेड़ के लिए पहलीबार छायावाद के तिलिस्म तोड़ने वाले पत्थर तोड़ते एक कवि का जन्मदिन भी हुआ करता है आज।सूर्यकांत त्रिपाठी निराला उनका नाम है।जिन्हें कोई याद नहीं कर रहा है।

कवि प्रजाति के आत्ममुग्ध लोग सोशल स्पेस पर जनसरोकार से वास्ता इतना मूसलाधार रखते हैं कि दे दनादन सेल्फी,पारिवारिक निजी क्षणों का विज्ञापन जारी करते हुए नजर आते हैं वैसे ही जैसे हम नींद में खलल डालने की कोई न कोई शरारत कर गुजरते हैं।

संघ परिवार की यह सरस्वती वंदना दरअसल ओबामा वंदना है क्योंकि अमेरिका को मोदी से लव हो गया है।

संघ परिवार की यह सरस्वती वंदना दरअसल ओबामा वंदना है क्योंकि स्वयं श्रीकृष्ण आज भारत पधार रहे हैं और धनुर्धर अर्जुन जो जनसंहारउद्देश्ये किंकर्तव्यविमूढ़ हैं,उन्हें गीता का उपदेश देने वाले हैं।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥७॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥८॥
(श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय ४)
(यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिः भवति भारत, अभि-उत्थानम् अधर्मस्य तदा आत्मानं सृजामि अहम् । परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुस्-कृताम्, धर्म-संस्थापन-अर्थाय सम्भवामि युगे युगे ।)
(टिप्पणीः श्रीमद्भगवद्गीता वस्तुतः महाकाव्य महाभारत के भीष्मपर्व का एक अंश है; इसके १८ अध्याय भीष्मपर्व के क्रमशः अध्याय २५ से ४२ हैं ।)
शिरीष अनुनाद

दिल तो भरे थे, भरे हैं अब भी ...... निराला के साथ अपना 'जनमबार' बनाअो। तू वसन्त में पैदा हुआ, मैं शीत में। शीत में हम आग जलाते है पर वसन्त में पूरा जीव जगत अपनी ही एक अनोखी आग में जलता है, यह अाग भी तुझे मुबारक हो।
दिल तो भरे थे, भरे हैं अब भी ...... निराला के साथ अपना 'जनमबार' बनाअो। तू वसन्त में पैदा हुआ, मैं शीत में। शीत में हम आग जलाते है पर वसन्त में पूरा जीव जगत अपनी ही एक अनोखी आग में जलता है, यह अाग भी तुझे मुबारक हो।
जाहिर है कि इस सरस्वती वंदना का अभिप्राय गीता महोत्सव मार्फते शत प्रतिशत हिंदू राष्ट्र है।कुरुक्षेत्र बन गया है देश और उस कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।
दसों दिशाओं में हिंदुत्व की वसंतबहार है।देश के कोने कोने में हिंदुत्व के सिपाहसालार अमित शाह,भागवत,तोगाड़िया,बाबा,साध्वी,संत वगैरह वगैरह के अश्वमेधी घोड़े जनपदों को लहूलुहान कर रहे हैं क्योंकि इस सरस्वती वंदना का अभिप्राय गीता महोत्सव मार्फते शत प्रतिशत हिंदू राष्ट्र है।
कुरुक्षेत्र बन गया है देश और उस कुरुक्षेत्र में ओबामा कृष्ण अवतरित।

High level security for Barack Obama in Delhi, 50,000 security persons deployed
दिल्ली में ओबामा की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा तीन दिन के दौरे पर रविवार को भारत पहुंच रहे हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर वह मुख्य अतिथि होंगे।
दिल्ली में ओबामा की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। भारत दौरे के दौरान ओबामा को 7 स्तर की सुरक्षा दी जाएगी।
ओबामा के आगमन से पहले अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी की बड़ी टीम पहले ही भारत पहुंची हुई है और लगातार सुरक्षा इंतजामों पर नजर बनाए हुए है। पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ओबामा की सुरक्षा के लिए दिल्ली किले में तब्दील हो गई है।
ओबामा के लिए सुरक्षा घेरे के 7 स्तर होंगे और 50,000 सुरक्षा कर्मचारी, 500 अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट और स्पेशल फोर्स की लगातार पैनी नजर बनी रहेगी। राजपथ पर और होटल मौर्या शेरेटन में 20 से ज़्यादा अमेरिकी मेलिनोवा कुत्ते तैनात किए जाएंगे।
गणतंत्र दिवस पर नो-फ्लाई ज़ोन एरिया को 400 किमी तक बढ़ाया गया है। 71 इमारतें बंद कर दी गई हैं और जगह-जगह जवान तैनात रहेंगे। करीब 15,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान तीन स्तर की सुरक्षा जांच होगी और राजपथ पर सैकड़ों पुलिस अधिकारी तैनात होंगे। राजपथ के आसपास 90 एंबुलेंस और डॉक्टर्स की टीम भी तैनात रहेगी। उत्तर और दक्षिण दिल्ली नगर निगम की इमारतें 25 और 26 जनवरी को बंद रहेंगी। यलो, ब्लू और वायलेट मेट्रो लाइन के कुछ स्टेशन 26 जनवरी को बंद रखे जाएंगे। सभी मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को 25 जनवरी दोपहर 2 बजे से 26 जनवरी 2 बजे तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

संत समागम में तो बसंत ही बसंत लहराता है। संतों के अंतः करण में हमेशा बसंत रहता है अर्थात विशुद्धि बनी रहती है। इसलिए हमें इन तीर्थों की वंदना, पूजा, अर्चना के साथ इनकी सुरक्षा व संरक्षण भी करना चाहिए।श्रद्धालु उसीमें निष्णात हैं।विशुद्ध ही हिंदुत्व है।अशुद्धता बलिप्रदत्त है।वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति।
जाहिर है देश भर में ओबामा  कृष्ण के अवतरण के साथ वसंत बहार है। इसी हिंदुत्व महोत्सव का सबसे चटख रंग लेकिन साहित्य का है।

संघी राजकाज में मोहन,अमित प्रवीण पराक्रमध्ये शत प्रतिशत हुंदुत्व के शंघनाद के मध्य विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों का वार्षिक आयोजन ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) यहां बुधवार से शुरू हो गया। साहित्य उत्सव का यहां भव्य आगाज हुआ।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज ऐतिहासिक दिग्गी पैलेस में इस पांच दिवसीय महोत्‍सव का उद्घाटन किया। पारंपरिक संगीत के साथ इस महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
गौर हो कि बलि यह दुनिया का सबसे बड़ा साहित्‍य सम्‍मेलन है।
गौवा के चुनांचे कि इस कारपोरेट साहित्य महोत्‍सव का उद्घाटन राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और एस्‍सेल ग्रुप के चेयरमैन डा. सुभाष चंद्रा ने किया।
मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे और देश बेचने,जनसंहार का होगा भरपूर मनोरंजन

इसी के मध्य मीडिया में जो खबर नहीं है,जो खबरें कारपोरेट जगत तक सीमाबद्ध हैं,उनके मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 26 जनवरी के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रहे है। इस मुलाकात की चारों तरफ चर्चा चल रही है। सत्ता में आने के बाद दोनों नेता तीसरी बार मिलने जा रहे हैं। इन मुलाकातों के जरिये दोनों के बीच एक निजी केमिस्ट्री की चर्चा खूब हुई। निजी केमिस्ट्री को एक नया आयाम देते हुए मोदी और ओबामा रेडियो पर मिल कर मन की बात करेंगे लेकिन मन की बात में काम की कितनी बात होगी। द इंडियन इंटरेस्ट के इस खास शो में यही जानने की कोशिश की जा रही है।

बराक ओबामा 3 दिनों के भारत दौरे में 25 जनवरी को सुबह 10 बचे पहुंचेंगे। ओबामा सबसे पहले राष्ट्रपति भवन जाएंगे, उसके बाद महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाएंगे। इसके बाद ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसी शाम ओबामा राष्ट्रपति भवन में भोज में शामिल होंगे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड देखने के बाद ओबामा राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वो नरेंद्र मोदी के साथ सीईओ राउंडटेबल में शामिल होंगे। 27 जनवरी को ओबामा सिरी फोर्ट में एक टाउन हॉल को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वो आगरा में ताजमहल देखने जाएंगे। ताजमहल देखने के बाद वो अमेरिका लौट जाएंगे।

ओबामा के साथ भारत दौरे पर आने वालों में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजैन राइस, दिग्गज कूटनीतिज्ञ नैंसी पेलॉसी भी शामिल हैं। इसके अलावा ओबामा के प्रतिनिधिमंडल में कई दिग्गज बिजनेस लीडर और लॉ मेकर्स शामिल हैं। ओबामा के साथ भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद अमी बेरा, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जकर और क्लाइमेट चेंज एडवाइजर जॉन पॉडेस्टा भी भारत आ रहे हैं।

ओबामा के इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के सीईओ फोरम की बैठक 26 जनवरी को होगी। अमेरिका की तरफ से हनीवेल के सीईओ बैठक की अध्यक्षता करेंगे और भारत की ओर से साइरस मिस्त्री इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक समझौते पर चर्चा होगी। बैठक में ओबामा और मोदी भी हिस्सा ले सकते हैं। इस बैठक में मुकेश अंबानी, गौतम अदानी, विशाल सिक्का, सुनील मित्तल समेत करीब एक दर्जन सीईओ शामिल होंगे। वहीं अमेरिका की तरफ से इंदिरा नूयी, हैरोल्ड मैक्ग्रो, अजय बंगा शामिल होंगे। इस बैठक में भारत की तरफ से बाई-अमेरिका लेजिसलेशन, वीजा और आईटी कंपनियों का मुद्दा उठाया जा सकता है। वहीं अमेरिका भारत पर बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी करने का दबाव डाल सकता है। अमेरिका इनटेलैक्चुअल प्रापर्टी राइट का मुद्दा भी उठा सकता है।

3 दिन के लिए भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबाम के दौरे में 3 शहरों अजमेर, इलाहाबाद और विशाखपत्तनम को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए समझौते हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच टैक्स के क्षेत्र में अहम करार होने की भी संभावना है।

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर बनाने समेत एनर्जी और पर्यावरण के क्षेत्र में कई बड़े करार होने की उम्मीद है। ओबामा के इस दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में बड़े एमओयू होने की संभावना है और दोनों देश परमाणु करार की तरफ अहम कदम बढ़ा सकते हैं।

26 जनवरी के मुख्य अतिथि के तौर पर बराक ओबामा की यात्रा से इंडस्ट्री को बडी उम्मीदें हैं। उम्मीद की जा रही है कि ओबामा की भारत यात्रा के दौरान आर्थिक और सामरिक मुद्दों से जुड़े कई बड़े करार हो सकते हैं। खासकर फार्मा सेक्टर को उम्मीद है कि पेटेंट विवाद और अमेरिका में अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर की नीतियों के मामले में कुछ पॉजिटिव नतीजे आएंगे।

दिल्ली फतह कर बिहार पहुंचेगा मोदी का 'विजय रथ': अमित शाह


अमित शाह ने कर्पूरी ठाकुर को पिछड़े वर्ग का नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने ताउम्र गैर-कांग्रेसवाद नीति के तहत काम किया, आज उन्हीं के शिष्य कहे जाने वाले नेता सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिला चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महत्वकांक्षा और सत्ता के लिए बीजेपी के साथ 17 वर्ष पुराने गठबंधन को तोड़ दिया और उसी लालू प्रसाद की गोद में जा बैठे, जिनकी कल तक आलोचना करते थे। अमित शाह के पटना पहुंचने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। समारोह स्थल पर महिलाओं ने ढोल-नगाड़े के साथ उनका स्वागत किया।

अपने कार्यकर्ताओं की भीड़ से उत्साहित शाह ने नीतीश और लालू पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा जिस लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़कर नीतीश कुमार यहां तक पहुंचे, उसी के साथ मिलकर बिहार का मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन बीजेपी ये नहीं होने देगी न तो लालूराज और न ही जंगलराज लौटेगा। अमित शाह ने कहा कि नीतीश के अहंकार की वजह से बिहार को जंगलराज और लालू यादव के हवाले नहीं किया जा सकता इसलिए इस सरकार को आने वाले चुनाव में उखाड़ फेकेंगे। शाह ने कहा सरकार बदलकर मोदी के विकास को बिहार तक पहुंचाएंगे।

संघ के विस्तार पर मंथन, डॉ मोहन भागवत देवघर पहुंचे, बैठक शुरू

जागरण संवाददाता, देवघर : चिंतन शिविर के दूसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विदेशी चिंतन एवं भारतीय चिंतन के मर्म को समझाया और मार्गदर्शन दिया। कहा कि आज जनता की अपेक्षा बढ़ गयी है, सामाजिक परिवर्तन के मकसद से गठित संघ कार्यकर्ताओं का कौशल विकास ऐसा हो कि उसमें नेतृत्व की क्षमता तो हो ही, वह लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके। नेपोलियन बोनापार्ट का उदाहरण देते कहा कि वह विश्व विजेता तो था पर लोगों का दिल नहीं जीत सका। वहां कोई सामाजिक परिवर्तन नहीं हुआ।
वहीं भगवान राम के कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि वह जहां-जहां गए, साम्राज्य बदला वहां के हालात बदले, रामराज्य आया। दरअसल सर संघचालक के दर्शन में कार्यकर्ता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। उनके विकास व गुण पर ध्यान केंद्रित कराया। चिंतन शिविर में यह बात आयी कि आज समाज के सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है, जनता की अपेक्षा भी उसी अनुरूप बढ़ रही है। ऐसे में वैसे कार्यकर्ताओं की भी जरूरत संघ को है, जो मानक पर खरा उतर सकें।
सर संघचालक ने माना कि आज जिम्मेवारी बढ़ गयी है। जिसे निभाने के लिए गुणवान स्वयं सेवक की जरूरत है। पूर्णकालिकों के साथ चली दिन भर की बैठक में कार्यकर्ता निर्माण का मसला ही पूरी तरह छाया रहा। उत्तर एवं दक्षिणी बिहार के अलावा झारखंड प्रांत के पूर्णकालिक तकरीबन तीन सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। समापन शनिवार को होगा जिसमें खुला सत्र होगा उसके बाद संघ कार्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम शामिल है।
रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत पांच दिनों के झारखंड दौरे पर हैं. श्री भागवत 22 से 24 जनवरी तक देवघर में रहेंगे. इस दौरान पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे. 24 जनवरी को स्वयंसेवकों के साथ बैठक करेंगे. इसी दिन रात को रांची पहुंचेंगे. दो दिनों के रांची प्रवास के दौरान श्री भागवत 25 और 26 जनवरी को स्वयंसेवकों, संघचालकों के साथ बैठक करेंगे.

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने तीन दिन के भारत दौरे के लिए आज रवाना होंगे। रविवार सुबह करीब 10 बजे एयर फोर्स वन दिल्ली पहुंचेगा। राष्ट्रपति ओबामा के साथ अमेरिकी की फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा भी आ रही हैं। वहीं स्कूल खुले होने के चलते ओबामा की बेटियां मालिया और साशा पिता के साथ भारत नहीं आ रही हैं।
आगरा नहीं जाएंगे
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ओबामा भारत दौरे के दौरान आगरा ताजमहल के दीदार के लिए नहीं जाएंगे। ओबामा का आगरा जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। ओबामा के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। पहले 27 जनवरी को ओबामा का आगरा जाने का कार्यक्रम था। ओबामा सउदी अरब जा सकते हैं। सउदी अरब के सुल्तान की मौत के बाद यह फैसला लिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ओबामा सुल्तान के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।
ओबामा को रिसीव कर सकते हैं मोदी
ऐसा माना जा रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को रिसीव करने एयरपोर्ट जा सकते हैं। हालांकि प्रोटोकॉल में इसकी व्यवस्था नहीं है। यानी प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ओबामा से अपनी दोस्ती निभा सकते हैं।
गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत दौरे पर आ रहे अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आने से पहले पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। एक अंग्रेजी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि बनकर वो बेहद सम्मानित महसूस कर रहें हैं।
पीएम मोदी का विजन साफ: ओबामा
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पीएम मोदी का विजन एकदम साफ है। मैं उनसे खासा प्रभावित हूं। साथ ही मैं इस बात से भी प्रभावित हूं कि वे विकास के रास्ते में परेशानी लाने वाले मुद्दों को फौरन ही दूर करने को तैयार रहते हैं।
यही नहीं ओबामा ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता देने की भी वकालत की। इंटरव्यू के दौरान ओबामा से भारत-अमरीका के रिश्तों को लेकर सवाल पूछा गया। जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है कि भारत-अमरीका के रिश्ते और बेहतर होंगे।
बापू को श्रद्धांजलि देंगे ओबामा
25 जनवरी की सुबह सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में ओबामा का स्वागत होगा। इसके बाद वो राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देने जाएंगे। 25 को ही हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और ओबामा के बीच बातचीत होगी। इसके बाद पीएम मोदी दोपहर का भोज देंगे। ओबामा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से रात्रिभोज पर मिलेंगे।
डिनर में शामिल होंगे कई दिग्गज
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के ओबामा को दिए जाने वाले डिनर में रिलायंस ग्रुप के चेयरमेन मुकेश अंबानी, अभिनेता अमिताभ बच्चन और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को न्योता दिया गया गया है। 25 जनवरी के भोज में तीन सेनाओं के प्रमुखों को भी बुलाया गया है।
मिशेल के लिए साड़ी का खास तोहफा
बनारस के बुनकरों ने राष्ट्रपति ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को गिफ्ट करने के लिए खास तरह की बनारसी साड़ी और दुपट्टा तैयार किया है। मिशेल ओबामा को तोहफे में देने के लिए बनाये गये किमखाब के कपड़े, सिल्क की तनछुयी साड़ी और दुपट्टा की डिजायनिंग करीब ढाई सौ साल पुरानी है।

बराक ओबामा की भारत यात्रा से जुड़ीं 10 अहम बातें...

10 high points regarding Barack Obama's India visit
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तीन-दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत आ रहे हैं। आइए जानते हैं उनकी यात्रा के बारे में 10 खास बातें...
1. बराक ओबामा पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जो 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि होंगे। ओबामा से पहले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि रह चुके हैं।
2. बराक ओबामा जब इस यात्रा के लिए 25 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचेंगे, तो वह अमेरिका के ऐसे पहले नेता बन जाएंगे, जो राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भारत की दो बार यात्रा कर चुके होंगे। इससे पहले 2010 में बराक ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर भारत आ चुके हैं।
3. नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री बने अभी एक साल भी नहीं हुआ, ऐसे में बराक ओबामा के साथ यह उनकी कौन सी मुलाकात होगी? आप अंदाजा लगाइए...एक, दो या तीन... असल में यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की ओबामा से चौथी मुलाकात होगी।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा दोनों नेता जी-20 की बैठक में ऑस्ट्रेलिया में मिल चुके हैं। इतना ही नहीं बीते साल दोनों नेताओं की एक मुलाकात ईस्ट एशिया समिट में म्यांमार में भी हुई थी।
4. बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ भारत के दौरे पर आ रहे हैं। इस बार उनकी यात्रा की व्यवस्था के लिए 1600 अमेरिकी स्टाफ भारत में हैं, जबकि पिछली बार ओबामा 800 स्टाफ के साथ ही भारत आए थे।
5. बराक ओबामा के बेड़े में उनके खास विमान एयर फोर्स वन के साथ छह एयरक्राफ्ट शामिल हैं। उनके साथ 30 कारों का काफिला भी होगा। इसमें दुनिया की सबसे अत्याधुनिक कार कैडलिक में बराक ओबामा सफर करते हैं। इतना ही नहीं, एक मैरीन वन हेलिकॉप्टर भी उनके दस्ते में शामिल होगा।
6. बराक ओबामा की यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, आईबी और एसपीजी के साथ एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स तैनात होंगे, जबकि अमेरिका की एफबीआई, सीआईए और एनएसए भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगी।
7. यात्रा के पहले दिन यानी 25 जनवरी को ओबामा, नरेंद्र मोदी के साथ कई मुद्दों पर अहम बातचीत करेंगे। इसमें परमाणु कार्यक्रम और रक्षा से जुड़े कई समझौतों के होने की उम्मीद है।
8. ओबामा अपनी यात्रा के दूसरे दिन गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे. इसके बाद वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत और अमेरिकी कंपनियों के सीईओ की राउंड टेबल बैठक में शामिल होंगे।
9. गणतंत्र दिवस के परेड के दौरान दिल्ली को नो फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, यानी दिल्ली के ऊपर हवा में 400 किलोमीटर के रेंज में किसी विमान को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।
10. अपनी यात्रा के अंतिम दिन बराक ओबामा एक टाउन हाल को संबोधित करेंगे। इसी दिन बराक ओबामा भारीय प्रधानमंत्री के साथ मिलकर ऑल इंडिया रेडियो से 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसीलिए क़बूला भारत आने का न्यौता: ओबामा

बीबीसी हिन्दी - ‎16 hours ago‎
... उसे हासिल करने का समय आ गया है. यही वजह है कि भारत के गणतंत्र दिवस पर पहला अमरीकी राष्ट्रपति बनने का न्योता मैंने स्वीकार कर लिया." अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत और अमरीका एक साथ हैं. ओबामा ने कहा, "मैंने यह साफ़ कर दिया है कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है और पाकिस्तान में चरमपंथियों का पनाहगाह किसी भी सूरत में मंज़ूर नहीं है. मुंबई पर हुए हमले में शामिल लोगों को सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए." (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.) ...

मोदी से प्रभावित ओबामा, भारत की स्थाई सदस्यता की वकालत

Rajasthan Patrika - ‎20 hours ago‎
नई दिल्ली। अपने 25 जनवरी को प्रस्तावित भारत दौरे से पहले अमरीकी राष्ट्र्रपति बराक ओबामा ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता मिनली चाहिए। भारत आने को लेकर ओबामा ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में अतिथि बनकर आने पर वे अपन आपको सम्मानित महसूस कर रहे हैं। एक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में बराक ओबामा ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी का विजन एक दम साफ है। मैं उनकी उर्जा से काफी प्रभावित हूं। भारत से अपने रिश्तों पर बोलते हुए ओबामा ने कहा कि मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि भारत और अमरीका के रिश्ते 21वीं सदी के लिए नजीर बन सकते हैं।

भारत-अमरीका स्वभाविक साझेदार: ओबामा

Chhattisgarh Khabar - ‎20 hours ago‎
नई दिल्ली | समाचार डेस्क: बराक ओबामा ने कहा कि कुछ मुद्दों पर असहमति के बावजूद भारत-अमरीका स्वभाविक साझेदार हैं. अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत और अमरीका को 'सच्चे वैश्विक साझीदार' के रूप में देखते हैं और उनका भारत दौरा उनके इस दृष्टिकोण को समझने का माकूल अवसर है. ओबामा ने पत्रिका 'इंडिया टुडे' को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव और दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने की उनकी प्रतिबद्धता ने हमें अपनी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर प्रदान किया है." उन्होंने कहा, "मुझे लगता है ...

अमरीका से भारत को क्या चाहिए?

बीबीसी हिन्दी - ‎1 hour ago‎
राष्ट्रपति ओबामा भारत की यात्रा पर जाने वाले हैं. एक पूरा दिन वो मोदी सरकार के अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे, उसके बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ रात्रिभोज करेंगे. इस दौरे की सबसे अहम प्रतीकात्मक बात होगी भारत के गणतंत्र दिवस की परेड में, उनका मुख्य अतिथि होना. ऐसी भी ख़बरें हैं कि सीईओ के साथ बैठक, दिल्ली टाउन हॉल में एक सभा और आगरा में ताज महल देखने का कार्यक्रम है. इस दौरे के साथ जुड़ी हुई प्रतीकात्मकता अधिक महत्व की है क्योंकि यह पहली बार हो रहा है कि अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति दो बार भारत आए और पहली बार एक अमरीकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस में मुख्य ...

देशभर में आज जरुरत थी एक आवाज की,एक नारे की ओबामा वापस जाओ।वह आवाज गायब है।जो आवाज आ रही है,उसकी गूंज लेकिन कहीं नहीं है।मसलनः

Anil Tyagi, Deepti Gopinath, Feroze Mithiborwala, Kishor Jagtap, Sudhir Dhawale, Shyam Sonar, Jyoti Badekar, Mayur Thakre, Farid Khan, Sayeed Khan, Farouk Mapkar, Mulniwasi Mala, Jagdish Nagarkar, Arif Kapadia and Afaque Azad.
contact: 9029277751 / 7208007055
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जैसा कि कुरुक्षेत्र के गीता महोत्सव का हश्र हुआ महा विनाश,वैसे ही हिंदू साम्राज्यवादी अश्वमेध से देस विदेश हिंदुओं का ही सर्वनाश,विधर्मियों का नहीं

गुजरात में तुगलकी फरमान: मुस्लिम छात्रों को भी करनी होगी पूजा ... http://bit.ly/1JrYScj #Gujarat, #Hindu, #Muslim, #SaraswatiPooja, #School, #VasantPanchami, #गजरत, #पज, #वसतपचम


गुजरात में तुगलकी फरमान: मुस्लिम छात्रों को भी करनी होगी पूजा ... http://bit.ly/1JrYScj‪#‎Gujarat‬, ‪#‎Hindu‬, ‪#‎Muslim‬, ‪#‎SaraswatiPooja‬, ‪#‎School‬, ‪#‎VasantPanchami‬, ‪#‎गजरत‬,‪#‎पज‬, ‪#‎वसतपचम‬
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत में भारतीय खाने के बाद खाया जाने वाला पान भी पेश करने की तैयारी की जा रही है। खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति भवन में ओबामा के सम्मान में दिए जा रहे भोज में पान भी होगा। राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रमों में पान सप्लाई करने वाली दिल्ली की खास दुकान में ओबामा के लिए क्या है तैयारी, आइए जानते हैं।

देवी प्रसाद पांडे जी का पान मशहूर इतना है कि दूर-दूर से लोग इसे खाने आते हैं और पांडे जी की मानें तो इस बार अमेरिका से आ रहे मेहमान भी पान के इस स्वाद को भूल नहीं पाएंगे। दरअसल, राष्ट्रपति भवन में होने वाले कार्यक्रमों में मेहमान चाहे कोई भी हो, पान पांडे जी के यहां से ही जाते हैं। आखिर क्या खास है पांडे जी के पान में-यही जानने के लिए, हम पहुंच गए-दिल्ली के नार्थ एवन्यू में।

पांडे जी, बराक ओबामा के लिए बनाने जा रहे पान में क्या डालेंगे इसे वो नहीं बताना चाहते, लेकिन उनका कहना है कि पान में कोई केमिकल या तंबाकू नहीं होगा। पांडे जी का कहना है कि राजनेताओं, फिल्म एक्टर्स ही नहीं, पेंटर मकबूल फिदा हुसैन भी उनके पान के दीवाने थे। उन्होंने पांडे जी के पान से खुश हो कर उन्हें हनुमान जी की एक पेंटिंग बना कर भी पेश की थी और पान पेश किया था फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को।

वैसे पांडे जी के पानदान में माधुरी की गिलौरी ही नहीं है, उनके पान में स्वीट फ्रूट, नट्टी-बट्टी, बेरीज, बटर स्कॉच, चॉकलेट से लेकर स्ट्रॉबेरी तक का ट्विस्ट है, अब देखना ये होगा कि बराक ओबामा को इनमें से कौन सा पान भाता है।

जहां ओबामा को पान परोसा जाएगा तो वहीं अमेरिका की फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा के लिए वाराणसी की मशहूर बनारसी साड़ी का तोहफा तैयार हो रहा है। ये तोहफा वाराणसी के बुनकरों ने तैयार किया है। दिल्ली के सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्री के अधिकारी वाराणसी में साड़ियां चुनने में लगे हैं। ये साड़ियां सोने और चांदी की जरी से सजी होंगी और ऐसी 250 साड़ियां मिशेल ओबामा को गिफ्ट की जाएंगी।


BBC Hindi

OBAMA IN INDIA: ओबामा के भारत दौरे से भारत क्या-क्या उम्मीदें लगाए बैठा है, पढ़ें एक विश्लेषण. http://bbc.in/1yaStf7
OBAMA IN INDIA: ओबामा के भारत दौरे से भारत क्या-क्या उम्मीदें लगाए बैठा है, पढ़ें एक विश्लेषण. http://bbc.in/1yaStf7

श्रीलंका के कट्टरपंथी बौद्ध संगठन के रहबर बने मोदी, भाजपा और संघ
Written by ईएनएस | चेन्नई |
हमारी इच्छा है कि हमारे पास भी मोदी जैसा नेता हो। बीबीएस को चरमपंथी सिंहली बौद्ध राष्ट्रवादी संगठन माना जाता है। यह संगठन पिछले साल श्रीलंका में मुसलमानों और ईसाइयों पर हुए खूनी हमलों के लिए कुख्यात रहा है। इसी कारण बीते राष्ट्रपति चुनाव में महिंदा राजपक्षे को अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के वोट से महरूम रहना पड़ा और शिकस्त मिली। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में विथानागे ने कहा कि उनके देश में कंपनी के रूप में पंजीकृत उनका समूह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित है। जल्द ही उनका समूह इन भारतीय संगठनों की तर्ज पर पार्टी शुरू करेगा, ताकि श्रीलंका में बौद्ध संस्कृति के रक्षा की जी सके।
विथानागे ने कहा कि मोदी को लेकर हमारे मन में सकारात्मक धारणा है। एक नेता के तौर पर उनकी शख्सीयत की तारीफ करते हैं। अनाधिकारिक रूप से हमारे और भाजपा- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से निजी रिश्ते रहे हैं। उनके नेताओं से संवाद भी होता रहा है। अब हम भारतीय प्रतिपक्षियों से सक्रिय राजनीतिक वार्ता शुरू करने जा रहे हैं।
बौद्ध नेता ने कहा कि बीबीएस को धार्मिक आतंकी संगठन के रूप में प्रचारित करना वैसी स्थिति है, जिस तरह गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सामना करना पड़ा था। विथानागे ने कहा कि हम लोग किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं। हम किसी के खिलाफ नफरत नहीं फैलाते। लेकिन यह भी सही है कि श्रीलंका में बौद्ध धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए, कुछ सत्यों को लेकर हम कड़ी बातें भी करते हैं।
उन्होंने कहा, भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी जिस तरह बहुसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, उसी से प्रेरणा लेकर उनका संगठन बोदु बाल सेना श्रीलंका में बहुसंख्यक बौद्धों के लिए आवाज उठाता आया है। किसी दूसरे धर्म से उनका वैर नहीं है। विथानागे कहते हैं कि भारत और श्रीलंका में काफी समानताएं हैं। भारत की तरह श्रीलंका में भी बौद्धों पर धर्मांतरण का खतरा मंडरा रहा है। मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों ने धर्मांतरण का कुचक्र चला रखा है। सिंहली परिवारों में एक या दोबच्चे हैं, जबकि अल्पसंख्यक आधा दर्जन या इनसे ज्यादा बच्चे पैदाकर आबादी का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। इनके पीछे विदेशी पैसा लगा हुआ है। हमें इसे रोकना होगा। इसीलिए मोदी और उनकी पार्टी हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
बीबीएस की स्थापना 2012 में जाथिका हेला उरूमाया (जेएचयू) से अलग हुए एक कट्टरपंथी धड़े ने की थी। संगठन का कहना है कि बौद्ध धर्म की रक्षा के लिए इसका गठन हुआ। सेना का मुख्यालय कोलंबो के बुद्धिस्ट कल्चरल सेंटर में है जिसका उद्घाटन 2011 में राजपक्षे ने किया था।
श्रीलंका में बीबीएस को आम तौर पर धार्मिक पुलिस के तौर पर भी देखा जाता है। यह संगठन अल्पसंख्यक वोट बैंक की सियासत पर सवाल उठाता आया है। बीबीएस का आरोप है कि अल्पसंख्यकों की ओर से चलाए जा रहे कारोबार में अवैध विदेशी पैसा लगा हुआ है। सेना का आरोप है कि देश के अल्पसंख्यक खासकर मुसलमान और ईसाई धर्मांतरण के कुचक्र में लगे हैं। दूसरी ओर बीबीएस पर आरोप है कि वह बहुसंख्यकों को भड़काकर मस्जिदों और चर्चों पर हमले करवाता है।
संगठन ने अपने गठन के बादएक साल में ही ईसाइयों के खिलाफ अपना अभियान चलाकर कुख्याति हासिल की थी। जून 2014 में बीबीएस ने मुसलमानों की ज्यादा आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया। इस घटना में चार लोग मारे गए थे। स्थानीय अखबारों में छपी खबरों में बताया गया कि बीबीएस से जुड़े लोगों ने कई जगह पेट्रोल बम फेंके। कुछ कस्बों में मुसलमानों के घरोें, कारोबार को निशाना बानाया गया। देश की आबादी में मुसलमान दस फीसद हैं। इस हिंसा पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने चिंता जताई थी और बीबीएस की गतिविधियों पर चेतावनी दी थी।

बजरंग दल 'हिंदू फोर्स' बनाने की तैयारी में

नवभारत टाइम्स| Jan 24, 2015, 01.00AM IST
पूनम पाण्डे, नई दिल्ली
विश्व हिंदू परिषद ( वीएचपी) की युवा शाखा बजरंग दल देश भर में 'हिंदू फोर्स' खड़ी करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत अप्रैल से होगी। बजरंग दल हर जिले में शक्ति आराधना केंद्र स्थापित करेगा, जहां युवाओं को लाठी चलाने से लेकर बंदूक चलाने तक की ट्रेनिंग दी जाएगी।

16-17 मार्च को चर्चा करेंगे

सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में यह तय किया गया। बजरंग दल की 16-17 मार्च को रायपुर में होने वाली राष्ट्रीय मीटिंग में इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बजरंग दल ने तय किया है कि अप्रैल में हनुमान जयंती से देश भर में हिंदू फोर्स तैयार करने की शुरुआत की जाएगी। इसमें हर जिले में 'शक्ति आराधना केंद्र' बनाए जाएंगे। यह अखाड़ों की तरह होंगे।

बनेंगे अखाड़े

हर जिले में कम से कम 200 गज प्लॉट पर यह अखाड़ा होगा। बड़ी जगहों पर बड़ा अखाड़ा बनाया जाएगा। बजरंग दल के एक नेता के मुताबिक इन शक्ति आराधना केंद्र में युवाओं को लाठी और बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद हिंदुत्व के नाम पर बड़ी शक्ति खड़ी करना है। शक्ति आराधना केंद्र में हनुमान की 2-3 फुट ऊंची मूर्ति लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मूर्ति के लिए जयपुर में ऑर्डर दिया जा रहा है। यहीं तैयार मूर्ति सब जगह भेजी जाएगी।

युवकों में आएंगे अच्छे संस्कार

बजरंग दल नेता ने बताया कि अब तक हम 'मिलन केंद्र' चलाते रहे हैं, लेकिन पहली बार इस तरह शक्ति आराधना केंद्र बनाएं जाएंगे। यहां हनुमान चालीसा के पाठ के साथ ट्रेनिंग की शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं के पैरंट्स को भी अच्छी लगेगी क्योंकि इससे ड्रग्स और दूसरी बुराइयों की तरफ जा रही युवा ताकत को एक दिशा मिलेगी। साथ ही हिंदुत्व का प्रचार होगा और हिंदुत्व सिर्फ एक विचार के तौर पर सामने नहीं आएगा, बल्कि अहम शक्ति बनेगा।

उन्होंने बताया कि रायपुर में होने वाली मीटिंग में इस पर विस्तार से बात की जाएगी, इसका फाइल रूप तैयार होगा और वहीं से देश भर में शक्ति आराधना केंद्र खोलने का ऐलान किया जाएगा। बजरंग दल नेता के मुताबिक हिंदू फोर्स खड़ी करने का एक मकसद यह भी है कि जब भी हिंदुत्व को खतरा महसूस होगा तो यह शक्ति काम आएगी।

जानें, क्यों खास है अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की कार 'बीस्ट'?


इसमें मौजूद बुलेट प्रूफ पेट्रोल टैंक इसे बड़ी सुरक्षा देता है। इसे एक विशेष फोम से सील किया जाता है, जिससे इसमें आग लगने की सूरत में धमाका नहीं होता। 'बीस्ट' में चार लोगों के बैठने की जगह होती है। 'बीस्ट' के दरवाजे की मोटाई 8 इंच है। इस कार का चालक सामान्य व्यक्ति न होकर सीक्रेट सर्विस का प्रशिक्षित एजेंट होता है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति की इस कार में जीपीएस सिस्टम भी लगा हूआ है। यही नहीं, रात में देखने वाला कैमरा, आंसू गैस उपकरण भी बीस्ट का हिस्सा हैं।
इस कार की बनावट बख्तरबंद फौजी गाड़ियों जैसी है। इसे स्टील, एल्मुनियम, टाइटेनियम और सिरेमिक से बनाया गया है। इस पर आम रॉकेट लांचर का असर नहीं होता। कार की चेसिस पांच इंच मजबूत स्टील की है, जो बारूदी सुरंग के फटने पर भी सलामत रहती है। टायर पंचर हो जाए तब भी इसके रिम इतने ताकतवर हैं कि वो कार को तेज रफ्तार से भगाते रहते हैं। कार के सामने का शीशा इतना मजबूत है कि बख्तरबंद भेदने वाली गोलियां भी इसे नहीं भेद सकतीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार मैं बैठे-बैठे वाई फाई, सैटेलाइट फोन और डायरेक्ट लाइन से चौबीसों घंटे उप राष्ट्रपति और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के संपर्क में रहते हैं।
वैसे तो बीस्ट किसी भी तरह के आतंकी हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति को बचाने में सक्षम है, लेकिन इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के घायल हो जाने की सूरत में उन्हें बचाने के भी भरपूर इंतजाम हैं। कार के अगले हिस्से में राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप वाला खून रहता है, ताकि मुसीबत में उन्हें खून दिया जा सके। यही नहीं कार के पिछले हिस्से में ऑक्सीजन सप्लाई करने का भी इंतजाम रहता है।

खुल रहा है ज्वेलरी मॉल, 450 दुकानें और ऑफिस

प्रकाशित Sat, जनवरी 24, 2015 पर 11:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz
अब दुबई और गुड़गांव के जैसे ही अहमदाबाद में भी ज्वेलरी मॉल खुलने वाला है। पारंपरिक ज्वेलरी बाजार से हटकर विकसित और पॉश इलाके में खुल रहे ज्वेलरी मॉल को लेकर इस उद्योग से जुड़े लोग भी खुश हैं।

अहमदाबाद में भी सोने की खरीदारी के लिए इधर-उधर दुकानों में जाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि वहां खुलने जा रहा है ज्वेलरी मॉल। दुबई और गुड़गांव के गोल्ड सूक के तर्ज पर अहमदाबाद में भी अब ज्वेलरी मॉल खुलने वाला है। इस्कॉन ग्रुप शहर के सैटेलाइट इलाके में मॉल बना रहा है। 8 फ्लोर वाले इस मॉल में 450 दुकानें और ऑफिस होंगे। कंपनी को देश-विदेश से अब तक 45 फीसदी बुकिंग मिल चुकी है।

मॉल को दुबई के गोल्ड सूक की ही तरह ब्रिटिश डिजाइन के मुताबिक बनाया जा रहा है। इसमें शॉप, ऑफिस के साथ ही लॉकर और इंश्योरेंस की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही, फूड कोर्ट के लिए भी करीब 5000 वर्ग फीट का एरिया रखा गया है।

दरअसल, अहमदाबाद के मानेक चौक और सी जी रोड के ज्वेलर्स का इंटरेस्ट सैटेलाइट एरिया में बन रहे इस मॉल में इसलिए ज्यादा है क्योंकि इन दोनों इलाकों में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस्कॉन ग्रुप ने अपने इस मॉल में 900 गाड़ियों और करीब 3000 टू-व्हीलर्स के पार्किंग के लिए दो फ्लोर अलग से बनाए हैं।

Sunday, January 11, 2015

Red Alert Once again involving Sikh Brotherhood!

Red Alert Once again involving Sikh Brotherhood!
Justice denied to Sikh community may explode anytime,anywhere.In India,it might be curbed as it had been in eighties.But the Sikh Geography is beyond the Indian subcontinent,it should be kept in mind.If justice remains denied and Sikh Politics remains engaged in power politics only,it would rather complicate the problem.I am thus presenting this email to give an idea what is going into a bleeding Sikh mind.We should feel the plight of the victims of 1984 and voice against the discrimination amounting brutal apartheid.We should ensure peace and harmony.

Palash Biswas

FOR YOUR INFORMATION AND ATTENTION

Guru Khalsa Panth (Brothers, sisters, youth, children and elderlies, etc.)

Waheguru ji ka Khalsa, 
Waheguru ji ki Fateh!

Please note that there has been no "democratic or administration" in our peaceful world whose Chief, Council of Ministers is a "killer, murderer, and Organizer of Genocide of its own citizens, except the world's largest and peaceful demo[n]cracy alias the alleged demo[n]cracy of the Brahmins-Hindus-Turbaned Brahmins (headed by Hanera Sinh Badal)-Baniyas or India. India's Chief, Council of Ministers, the New Delhi administration is the"killer, murdere, and organizer of Genocide of the Muslims of Gujarat State, 2002-2003. What can you, the Sikhs of the "robbed" PUNJAB of 15th August, 1947 can expect from the enemies of the Sikhs? There enemies are the Brahmins-Hindus-Turbaned Brahmins-Baniyas.

Wake up my Sikh brothers, sisters, youth, children, elderlies, etc., to learn a lession from your past History of Sikhs from the Sikh point of view. Only then you will learn your own Sikh History from our Guru Sahibaans' times to this day of writing, i. e., the 10th day of January, 2015.

Please be prepared to face any outcome and contingencies posed by the administration(s) of the Brahmins-Hindus-Turbaned Brahmins-Baniyas.

The Union cabinet minister of the killer, murderer, and organizer of Genocide of Muslims of Gujarat, 2002-2003, really did not know up until the 26th December, 2014 that the "Sikhs Genocide has taken place in all over the Brahmins-Hindus-Baniyas' demo[n]cracy. What a white lie!

Please be prepared for any unforeseen outcome like an "undeclared" war in the form like a brutal military "Operation Bluestat" of June, 1984. The Brahmins-Hindus-Baniyas will harm you from your back.

Best wishes and warmest regards.

Your brother,

Awatar Singh Sekhon (Machaki)
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Red carpet for National and International Corporate Honchos, iron fist at Farmers

Farmers across Gujarat being Detained : Black Sunday for People's Rights
Red carpet for National and International Corporate Honchos, iron fist at Farmers
January 11 : While the Government of Gujarat is splurging on the jamboree called Vibrant Gujarat it is a crime to raise the issue of farmers' suicides and low cotton prices. A presentation of the issues was planned by the non-party platform Sanyukta Khedut Sangharsh Samiti to be handed over to the Gujarat Government. Farmers have been preparing and heading for their action spot in Ahmedabad in thousands since morning. However, in a wanton display of its paranoia as well as dictatorial tendencies the Government first tried to scare away bus and other transporters and attempted to force them to cancel farmers' bookings. Farmers demonstrated their resolve by finding other means to reach the appointed spot. Thousands of farmers are being detained in tens of places across Gujarat.
First, Mr Shivlal Vekaria (ex-MP) and Chandulal Shingala were detained in Rajkot and then has followed the detention of hundreds of farmers in various districts. In the dead of the night - around 12.30 am - Sagar Rabari and Lakhan Musafir were arrested on January 10th. Other prominent farmers being detained include Mansukhbhai (Rajkot), Pradyumansinh and Ramdevsinh Chudasma (Dholera), Mahendrasinh Karmariya, Nipul Patel, Yakub Gurji (Bharuch), Lalji Desai (Becharaji-Mandal). The Mansa MLA Mr. Amitbhai, Dehgam MLA Kaminiben and Jashubhai Rana of Gandhinagar have also been arrested. Persis Ginwala (JAAG), Krishnakant & Swati Desai (NAPM) have also been detained since morning.
The farmers' demands were simple and basic :
1) Support Price for Cotton at 1200 / 20 kg, and Rs. 1000 / 20 kg for groundnut
2) No de-commanding of Narmada waters and diversion for industries
3) Repeal of draconian anti-farmer laws such as Special Investment Region (SIR) Act, and Irrigation Act
4) Immediate withdrawal of the Ordinance making the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition Act meaningless.
It has become the standard practice for the Government of Gujarat to clamp down on demands of the poor and toiling people of Gujarat rather than addressing. This Government believes in ruling via Ordinances on the one hand, and organising meaning public relations jamboorees - all at Tax Payers' expense.
We condemn this wanton attack on the rights of the people and suppression of our democratic rights to assemble and protest. We will continue to protest this loot being promoted by the government in name of investors summit and development of Gujarat and Nation.
SARKAR HAMSE DARTI HAI POLICE KO AAGE KARTI HAI
Anand Mazgaonkar, Rajni Dave
9408309197

Friday, January 2, 2015

Six Left Parties Combine to Fight Against Anti People Policies

Patna, December15:

Soaring up of the prices of essential commodities, reaching out education and health services of the common men, retrenchment of the workers in mills and factories, deprivation of the farmers even of the cost of production of their crops- all these including many more problems are being faced by us. Moreover cultural and moral degradation is alarming. The incidents of rape, gang-rape and sexual assaults with women are growing rapidly. The attacks on minorities, especially religious minorities are on increase. Conspiracy is being hatched in order to indulge the toiling people into the fratricidal squabbles and riots destroying the common culture, common tradition and the essence of secularism.
Arun Kumar Singh addressing

Shiv Shankar addressing
In such a situation SUCI (Communist), CPI, CPI(M), CPI(ML) Liberation, RSP and AIFB- the six major left parties came together and decided to launch a countrywide mass movement from 8-14th December against the anti people policies of Mr. Narendra Modi led Central Government, sky rocketing price hike of essential commodities and the move of the central government to infiltrated the thoughts of ‘Hindutva’ in education. Responding the call the six left parties organized demonstrations, dharnas (sit-in demonstration) in different districts of the state. A massive dharna was organized in the state capital Patna on 15th December, 2014 at Shaheed Bhagat Singh Chowk, near Gandhi Maidan. 
A portion of the gathering
 Arun Kumar Singh, Senior State Committee Member, SUCI (Communist) and Sadhana Mishra, State Committee Member cum Secretary of Patna District Committee, SUCI (Communist) addressed the huge gathering. The dharna was conducted by a presidium comprising of the leaders of six left parties. On behalf of presidium Shiv Shankar, State Secretary, SUCI (Communist) in his concluding speech urged the people and party comrades to intensify the mass movement against all sorts of oppression and exploitation.    
Dharna at Muzaffarpur Collectariat